Friday, September 01, 2006

बदलाव

पिछले कुछ दिनों में बहुत कुछ बदल गया। जिंदगी बदलाव का नाम है। संगणक तकनीकी के लिये काम करते भागते दौडते हुए कितने पडावों को हम पीछे छोड जाते हैं यह कभी थमने और सॉस लेने के लिये सुस्ताने के बाद ही समझ में आता है। लोग मिलते हैं, बिछडते हैं, जगहें बदलती हैं, वातावरण बदलते हैं। जिंदगी का एक नया मोड, नये रास्ते, नई मंजिलें, नये साथी संगी फिर एक बार बुला रहे है। जी हां, मै नौकरी, शहर बदल रहा हूं और जिंदगी में एक बार फिर से एक नये शहर में एक अजनबी बन कर जा रहा हूं। अब तो सब कुछ नये सिरे से शुरू करने में डर भी नही लगता, शायद पहले हर बार हरारत सी होती थी। यहां सब कुछ हैंडओवर टेकओवर करने में आगे के कुछ सप्ताह लगेंगे। नई जगह स्थापित होने में कुछ और। तब तक आप सबसे विदा लेता हूं। उम्मीद यही है कि यह अंतिम विदा नही है। मै जल्दी ही कुछ सप्ताहों में फिर वापस आऊंगा, अपनी कहानी सुनाने और आप सबकी सुनने। तब तक के लिये नमस्कार, और हां अगर किसी करणवश वापस न आ सकूं तो कहा सुना माफ करियेगा और मुझे भूल जाइयेगा लेकिन जारी रखियेगा हिंदी का यह बुलंद अभियान, जिसमें आयेंगे मुझसे बहुत बेहतर बहुतेरे भविष्य में।

जिंदगी है भागती दौडती, कोई किसी के लिये रुकता नही
लगातार भागते ही रहना है, जब तक ये दम चुकता नही

जय हिंद, जय भारत।

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